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भारत की खोज में वास्को डी गामा द्वारा इस्तेमाल किया गया समुंद्री दिशा सूचक यंत्र मिला..14 वीं

विश्व के एक खोजी दल ने दुनिया का सबसे पुराना ‘ SODRE ASTROLAB ‘ यानि दिशा सूचक यंत्र की खोज करने में बड़ी सफलता हासिल हुई हैं | पुर्तगाल के खोजकर्ताओं द्वारा वास्को डी गामा ने 14 वीं शताब्दी में भारत की खोज के लिए और अपनी दूसरी यात्रा के लिए इस दिशा सूचक यंत्र की खोज की थी | पुर्तगाल के अरमाडा जहाज के मलबे के पास खुदाई के दौरान मिले विश्व के इस सबसे पुराने ASTROLAB को गिनीज वर्ल्ड रिकॉड में दुनिया का सबसे पुराना दिशा सूचक यंत्र बताया हैं | इस जहाज के पास एक घंटा भी मिला है जिसे साल 1498 के उस समय के सबसे पुराने घंटे के रूप में गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉड में सबसे पुराने घंटे में शामिल किया गया हैं |

जांचकर्ताओं ने इस सोद्रे नाम के यंत्र को 1496 से 1501 के बीच बनाया गया था, ये यंत्र अन्य दिशा सूचक यंत्रो के मुकाबले काफी अलग हैं | विश्व के सबसे प्राचीन स्पेन और पुर्तगाल के खोजकर्ताओं द्वारा इस दिशा सूचक यंत्र का इस्तेमाल किया जाता था, ब्रिटेन की वारविक यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर के मुताबिक जहाजों के मलबों के पास इस यंत्र का पाया जाना दुर्लभ हैं | एक रिपोर्ट के अनुसार दुनिया में इस तरह के 104 ASTROLAB मौजूद है 1481 में अफ्रीका के पश्चिमी तट से शुरूवात करने वाले खोजकर्ताओं ने सबसे पहले इसका इस्तेमाल करना शुरू किया था |
15 वीं शताब्दी के दौरान क्रिस्टोफर कोलंबस, बोर्टोलोमू डियास और वास्को डी गामा जैसे खोजकर्ताओं ने अपनी कई महत्वपूर्ण यात्राओं के दौरान इस दिशा सूचक यंत्र का प्रयोग किया था और वे अपनी यात्रा के दौरान इस ASTROLAB पर ही निर्भर थे | अरमाडा जहाज के पास से मिले सोद्रे एस्ट्रोलेब 175 मिलीमीटर व्यास वाली एक डिस्क है जिसका वजन 344 ग्राम हैं | पुर्तगाल की वारविक यूनिवर्सिटी के चेयरमैन मार्क विलियम्सन ने कहां की ‘ इस खोज के बाद इतिहासकारों और वैज्ञानिकों को प्राचीन समय में किस तरह यात्रा की जाती थी इसका पता चल जाएगा |
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